वलियों में ग़ौसुल अअ़्ज़म जैसा कोई नहीं41

*वलियों में ग़ौसुल अअ़्ज़म जैसा कोई नहीं*
ख़ुदा की क़सम अल्लाह तआ़ला ने ह़ुज़ूर ग़ौसुल अअ़्ज़म رضی الله تعالٰی عنہ के मानिन्द (यअ़्नी जैसा) न कोई वली आ़लम (यअ़्नी दुनिया) में ज़ाहिर किया न ज़ाहिर करे।

अल्लाह तआ़ला ने जिस वली को किसी मक़ाम तक पहुँचाया शैख़ अ़ब्दुल क़ादिर का मक़ाम उस से अअ़्ला है, और जिस प्यारे को अपनी मुह़ब्बत का जाम पिलाया शैख़ अ़ब्दुल क़ादिर के लिए उससे बढ़कर खुशगवार जाम है, और जिस मुक़र्रब को कोई ह़ाल अ़त़ा फ़रमाया शैख़ अ़ब्दुल क़ादिर का ह़ाल उससे अअ़्ज़म है, अल्लाह तअ़ाला ने अपने असरार से वोह राज़ उन में रखा है जिसके सबब उनको जमहूर औलिया पर सबक़त है। और अल्लाह तआ़ला के जितने वली हो गए या होंगे क़यामत तक सब शैख़ अ़ब्दुल क़ादिर का अदब करेंगे।
येह शहादतें हैं ह़ज़रते ख़िज़्र علیہ الصلٰوۃ والسلام और ह़ज़राते औलिया ए किराम علیہم الرضوان की।
بقسم کہتے ہیں شاہانِ صریفین و حریم
کہ ہوا ہے نہ ولی ہو کوئی ہمتا تیرا
📚 फ़तावा रज़विय्या, जिल्द²⁶, पेज⁵⁶⁰-⁵⁶¹
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